Ghosi Election Result: आगामी लोकसभा चुनाव से पहले यूपी के घोसी उप-चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। ‘इंडिया’ और एनडीए की लड़ाई में Akhilesh Yadav बीजेपी पर भारी पड़े हैं। घोसी सीट पर सपा के Sudhakar Singh ने बीजेपी के दारा सिंह चौहान को 42 हजार से ज्यादा वोटों के बड़े मार्जिन से हरा दिया।
यह चुनाव BJP की नाक का सवाल था। चुनाव से ठीक पहले उन्होंने ओम प्रकाश राजभर की एनडीए में वापसी कराई थी। चुनाव प्रचार में भी BJP ने पूरी ताकत लगाई। मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री के साथ पूरी कैबिनेट और संगठन चुनाव में सक्रिय दिखे। इसके बावजूद भी बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
बीजेपी को घोसी के चुनाव में मुंह की खानी पड़ी: Ghosi Election Result
- इस बार विपक्ष के 26 दल आगामी लोकसभा चुनाव के लिए एक साथ आए हैं,जिसमें कांग्रेस, सपा भी शामिल है।
- एक समय कांग्रेस से दूरी बनाकर रखने वाले अखिलेश यादव को घोसी उप-चुनाव में कांग्रेस का काफी साथ मिला।
- यूपी कांग्रेस ने उप-चुनाव में पार्टी का कोई भी कैंडिडेट नहीं उतारा
- कांग्रेस ने सपा को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
- बसपा ने भी अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा किया।
- यह लड़ाई ‘इंडिया’ बनाम एनडीए की हो गई।
- ‘इंडिया’ की एकजुटता इस लड़ाई में बीजेपी पर भारी पड़ गई।
अखिलेश यादव नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने इंडिया गठबंधन से पहले ही ‘पीडीए’ फॉर्मूले की बात करनी शुरू कर दी।
‘पीडीए’ का फुल फॉर्म उन्होंने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया।
इसके लिए स्वामी प्रसाद मौर्य ने पिछड़े और दलित वोटबैंक को साधने की भरपूर कोशिश की।
घोसी के नतीजों को देखकर लगता है कि इसका अखिलेश यादव को फायदा भी मिला।
जब अखिलेश को मुलायम ने गद्दी दी थी तो शिवपाल को यह बिलकुल पसंद नहीं आया था।
कई साल तक चाचा-भतीजा में रार चलती रही।
इसका खामियाजा दोनों को ही भुगतना पड़ा था।
अखिलेश यादव की सपा लगातार हार रही थी।
शिवपाल की प्रमासपा भी कुछ खास नहीं कर पा रही थी।
मुलायम सिंह यादव के जाने के बाद शिवपाल ने अखिलेश के कंधे पर हाथ रखा।
दोबारा सपा में चाचा शिवपाल को जिम्मेदारियां मिलनी शुरू हुईं।
जिसके चलते पहले मैनपुरी में जीत मिली और अब सपा ने घोसी में जीत का स्वाद चखा है।